२०० लोग जाँबहक हो गये १६ वीर शहीद हो गये परन्तु एक भी नेता नहीं मरा और न ही घायल हुआ। राज और बाल दोनो ठाकरे घरों में दुबके रहे। जो आये भी वो अपनी - अपनी रोटियाँ सेंकते नजर आये। शहीदों और मौत की अगोश में गये बेगुनाह लोगों के प्रति अपनी श्रद्धाञ्जलि अर्पित करते समय एक मोमबत्ती नेताओं की दिवंगत आत्माओं की इस देश से मुक्ति के लिये भी जलायें। इनके लिये विश्व एड्स दिवस पर हमारी और आपकी हार्दिक शुभकामनायें।
इस सन्देश कॊ देश के कॊने - कोने में न पहुँचा कर चौराहे - चौराहे पर पहुँचायें । क्योंकि कोनें में गयी चीज कोनें मे ही रह जाती है।
अफ़्सोस सहित
आपका
अमिताभ
नवगीत - माँ तुम अपने साथ ले गयी मेरा बचपन भी।
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माँ तुम अपने साथ ले गयी
मेरा बचपन भी।
जब तक थीं तुम
मुझमें मेरा
शिशु भी जीवित था
वात्सल्य से सिंचित
मन का
बिरवा पुष्पित था
रंग-गंघ से हीन हो गए
रोली-चन्दन ...
10 years ago